सुरत पंचांग, शुक्रवार, 15 ऑक्टोबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 19:17 पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 19:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 23:29 पर्यंतनंतर अश्विनी 23:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 15:35 पर्यंतनंतर हर्षण 14:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 07:07 पर्यंतनंतर बव 19:17 पर्यंत; नंतर बालव 07:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:15 |
| चंद्रोदय | 17:55 |
| चंद्रास्त | 06:09 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 ते 12:48 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:57 ते 12:24 |
| यमगंड | 15:20 ते 16:47 |
| गुलिक काळ | 08:02 ते 09:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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