सुरत पंचांग, मंगळवार, 12 ऑक्टोबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 16:14 पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 17:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 18:55 पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 20:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 16:20 पर्यंतनंतर वृद्धी 16:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 16:14 पर्यंतनंतर कौलव 05:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 17:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:17 |
| चंद्रोदय | 16:15 |
| चंद्रास्त | 03:36 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 ते 12:49 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:21 ते 16:49 |
| यमगंड | 09:29 ते 10:57 |
| गुलिक काळ | 12:25 ते 13:53 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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