सुरत पंचांग, बुधवार, 15 सप्टेंबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 04:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 05:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 11:33 पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 13:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 09:12 पर्यंतनंतर शूल 09:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 15:44 पर्यंतनंतर बव 04:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 17:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:42 |
| चंद्रोदय | 18:15 |
| चंद्रास्त | 05:43 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 ते 12:58अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:34 ते 14:06 |
| यमगंड | 07:58 ते 09:30 |
| गुलिक काळ | 11:02 ते 12:34 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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