सुरत पंचांग, मंगळवार, 30 मार्च, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण अष्टमी 19:40 पर्यंतनंतर कृष्ण नवमी 22:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 06:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 09:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 06:54 पर्यंतनंतर परिघ 07:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 19:40 पर्यंतनंतर तैतिल 08:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:53 |
| चंद्रोदय | 01:26 |
| चंद्रास्त | 12:19 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 ते 13:08 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:48 ते 17:21 |
| यमगंड | 09:39 ते 11:11 |
| गुलिक काळ | 12:43 ते 14:16 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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