सुरत पंचांग, शुक्रवार, 19 मार्च, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वादशी 23:18 पर्यंतनंतर शुक्ल त्रयोदशी 20:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 01:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर मघा 23:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 23:19 पर्यंतनंतर धृती 20:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 12:35 पर्यंतनंतर बालव 23:18 पर्यंत; नंतर कौलव 10:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:49 |
| चंद्रोदय | 15:51 |
| चंद्रास्त | 04:19 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:23 ते 13:11 |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:16 ते 12:47 |
| यमगंड | 15:48 ते 17:19 |
| गुलिक काळ | 08:15 ते 09:45 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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