सुरत पंचांग, गुरुवार, 11 मार्च, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 15:38 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 14:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 11:20 पर्यंतनंतर अश्विनी 11:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 23:21 पर्यंतनंतर ऐंद्र 21:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 15:38 पर्यंतनंतर वणिज 03:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 14:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:47 |
| चंद्रोदय | 08:21 |
| चंद्रास्त | 21:31 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:25 ते 13:13 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:18 ते 15:48 |
| यमगंड | 06:51 ते 08:21 |
| गुलिक काळ | 09:50 ते 11:19 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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