सुरत पंचांग, रविवार, 3 जानेवारी, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 16:09 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 18:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 21:37 पर्यंतनंतर अनुराधा 00:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 11:37 पर्यंतनंतर शूल 12:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 16:09 पर्यंतनंतर कौलव 05:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 18:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:16 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:10 |
| चंद्रोदय | 03:24 |
| चंद्रास्त | 14:29 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:21 ते 13:05 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:48 ते 18:10 |
| यमगंड | 12:43 ते 14:05 |
| गुलिक काळ | 15:26 ते 16:48 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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