सुरत पंचांग, शनिवार, 26 डिसेंबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 20:06 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 17:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 20:13 पर्यंतनंतर आश्लेषा 18:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 00:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर विष्कंभ 20:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 09:43 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 20:06 पर्यंत; नंतर बव 06:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 17:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| चंद्रोदय | 20:45 |
| चंद्रास्त | 09:21 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:17 ते 13:01 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:56 ते 11:18 |
| यमगंड | 14:01 ते 15:22 |
| गुलिक काळ | 07:13 ते 08:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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