सुरत पंचांग, गुरुवार, 24 डिसेंबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 03:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 23:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 01:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पुनर्वसु 22:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 12:51 पर्यंतनंतर ब्रह्म 08:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 17:02 पर्यंतनंतर कौलव 03:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 13:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:04 |
| चंद्रोदय | 18:25 |
| चंद्रास्त | 07:25 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:16 ते 13:00 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:00 ते 15:21 |
| यमगंड | 07:13 ते 08:34 |
| गुलिक काळ | 09:55 ते 11:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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