सुरत पंचांग, सोमवार, 7 डिसेंबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 04:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर अमावास्या 06:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 15:48 पर्यंतनंतर अनुराधा 18:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | अतिगंड 07:46 पर्यंतनंतर सुकर्मा 08:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 15:15 पर्यंतनंतर शकुनी 04:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 17:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:03 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 05:28 |
| चंद्रास्त | 16:30 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 ते 12:52 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:25 ते 09:46 |
| यमगंड | 11:08 ते 12:30 |
| गुलिक काळ | 13:52 ते 15:14 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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