सुरत पंचांग, गुरुवार, 26 नोव्हेंबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 13:16 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 09:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 17:47 पर्यंतनंतर आर्द्रा 15:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 07:50 पर्यंतनंतर साध्य 03:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुभ 23:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 13:16 पर्यंतनंतर वणिज 23:31 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 09:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:56 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:56 |
| चंद्रोदय | 19:40 |
| चंद्रास्त | 08:43 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 ते 12:48 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:48 ते 15:11 |
| यमगंड | 06:56 ते 08:18 |
| गुलिक काळ | 09:41 ते 11:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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