सुरत पंचांग, गुरुवार, 22 ऑक्टोबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 14:49 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 14:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 20:49 पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 21:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 23:39 पर्यंतनंतर ध्रुव 22:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 14:49 पर्यंतनंतर बव 02:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 14:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:09 |
| चंद्रोदय | 15:35 |
| चंद्रास्त | 02:47 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:46 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:50 ते 15:16 |
| यमगंड | 06:37 ते 08:03 |
| गुलिक काळ | 09:30 ते 10:56 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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