सुरत पंचांग, मंगळवार, 6 ऑक्टोबर, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 23:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 22:18 पर्यंतनंतर मघा 21:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 07:20 पर्यंतनंतर साध्य 05:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुभ 02:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 13:20 पर्यंतनंतर बालव 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 11:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:31 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 02:14 |
| चंद्रास्त | 15:35 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:03 ते 12:50 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:25 ते 16:53 |
| यमगंड | 09:29 ते 10:58 |
| गुलिक काळ | 12:27 ते 13:56 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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