सुरत पंचांग, शुक्रवार, 15 मे, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 08:32 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 05:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर अमावास्या 01:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 20:15 पर्यंतनंतर भरणी 17:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | आयुष्मान 14:21 पर्यंतनंतर सौभाग्य 10:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 08:32 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 18:55 पर्यंत; नंतर शकुनी 05:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर चतुष्पाद 15:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:01 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:10 |
| चंद्रोदय | 04:23 |
| चंद्रास्त | 17:42 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 ते 13:01 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:57 ते 12:35 |
| यमगंड | 15:52 ते 17:31 |
| गुलिक काळ | 07:39 ते 09:18 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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