सुरत पंचांग, सोमवार, 13 एप्रिल, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 01:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 00:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 16:04 पर्यंतनंतर शततारका 16:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 17:16 पर्यंतनंतर शुक्ल 15:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 13:19 पर्यंतनंतर बालव 01:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 12:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:21 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 03:25 |
| चंद्रास्त | 15:04 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:14 ते 13:05 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:56 ते 09:30 |
| यमगंड | 11:05 ते 12:39 |
| गुलिक काळ | 14:14 ते 15:48 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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