सुरत पंचांग, बुधवार, 1 एप्रिल, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 07:07 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 16:18 पर्यंतनंतर हस्त 17:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 14:50 पर्यंतनंतर ध्रुव 14:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 07:07 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 19:21 पर्यंत; नंतर बव 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:54 |
| चंद्रोदय | 18:22 |
| चंद्रास्त | 05:51 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:18 ते 13:07अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:43 ते 14:15 |
| यमगंड | 08:05 ते 09:37 |
| गुलिक काळ | 11:10 ते 12:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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