सुरत पंचांग, शुक्रवार, 6 मार्च, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 17:54 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 19:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 09:30 पर्यंतनंतर चित्रा 11:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 07:05 पर्यंतनंतर वृद्धी 06:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर ध्रुव 07:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 17:54 पर्यंतनंतर बव 06:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 19:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 21:24 |
| चंद्रास्त | 08:25 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:26 ते 13:14 |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:21 ते 12:50 |
| यमगंड | 15:48 ते 17:16 |
| गुलिक काळ | 08:24 ते 09:53 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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