सुरत पंचांग, गुरुवार, 19 फेब्रुवारी, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- छत्रपती शिवाजी महाराज जयंती
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वितीया 15:59 पर्यंतनंतर शुक्ल तृतीया 14:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 20:52 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 20:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 20:42 पर्यंतनंतर साध्य 18:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 15:59 पर्यंतनंतर तैतिल 03:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 14:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:06 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:39 |
| चंद्रोदय | 08:10 |
| चंद्रास्त | 20:28 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:30 ते 13:16 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:19 ते 15:46 |
| यमगंड | 07:06 ते 08:33 |
| गुलिक काळ | 10:00 ते 11:26 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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