सुरत पंचांग, बुधवार, 21 जानेवारी, 2026
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 02:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 02:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 13:58 पर्यंतनंतर शततारका 14:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 18:58 पर्यंतनंतर वरीयान 17:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 14:48 पर्यंतनंतर गरज 02:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 14:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | माघ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 09:00 |
| चंद्रास्त | 20:45 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:28 ते 13:12अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:50 ते 14:13 |
| यमगंड | 08:41 ते 10:04 |
| गुलिक काळ | 11:27 ते 12:50 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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