पाटणा पंचांग, सोमवार, 27 डिसेंबर, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 01:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 03:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ 05:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वाषाढा 07:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 08:03 पर्यंतनंतर वृद्धी 08:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 12:59 पर्यंतनंतर नाग 01:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 14:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:07 |
| चंद्रोदय | 06:05 |
| चंद्रास्त | 16:37 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:29 ते 12:11 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:53 ते 09:12 |
| यमगंड | 10:31 ते 11:50 |
| गुलिक काळ | 13:09 ते 14:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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