पाटणा पंचांग, बुधवार, 29 सप्टेंबर, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 10:56 पर्यंतनंतर अमावास्या 08:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 06:06 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 04:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर हस्त 02:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 00:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ब्रह्म 21:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | शकुनी 10:56 पर्यंतनंतर चतुष्पाद 21:29 पर्यंत; नंतर नाग 08:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:39 |
| चंद्रोदय | 04:36 |
| चंद्रास्त | 16:57 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 12:04अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:40 ते 13:10 |
| यमगंड | 07:10 ते 08:40 |
| गुलिक काळ | 10:10 ते 11:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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