पाटणा पंचांग, बुधवार, 22 सप्टेंबर, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 05:53 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 04:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कृष्ण अष्टमी 02:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 17:52 पर्यंतनंतर मृग 17:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 01:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर व्यतीपात 23:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 05:53 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 17:18 पर्यंत; नंतर बव 04:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 15:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:38 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:47 |
| चंद्रोदय | 22:03 |
| चंद्रास्त | 11:29 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:18 ते 12:06अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:42 ते 13:13 |
| यमगंड | 07:09 ते 08:40 |
| गुलिक काळ | 10:11 ते 11:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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