पाटणा पंचांग, शुक्रवार, 17 सप्टेंबर, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 05:52 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 06:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 15:29 पर्यंतनंतर रेवती 16:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 09:27 पर्यंतनंतर वृद्धी 09:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 05:52 पर्यंतनंतर तैतिल 18:22 पर्यंत; नंतर गरज 06:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:52 |
| चंद्रोदय | 18:26 |
| चंद्रास्त | 06:35 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 ते 12:08 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:12 ते 11:44 |
| यमगंड | 14:48 ते 16:20 |
| गुलिक काळ | 07:08 ते 08:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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