पाटणा पंचांग, गुरुवार, 12 ऑगस्ट, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 03:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 05:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा 11:34 पर्यंतनंतर मूळ 14:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 20:38 पर्यंतनंतर विष्कंभ 21:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 13:56 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 03:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 16:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:21 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:28 |
| चंद्रोदय | 15:06 |
| चंद्रास्त | 00:42 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 ते 12:21 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:33 ते 15:11 |
| यमगंड | 05:21 ते 06:59 |
| गुलिक काळ | 08:38 ते 10:16 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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