पाटणा पंचांग, शुक्रवार, 30 जुलै, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 02:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 22:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 01:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आर्द्रा 22:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 10:13 पर्यंतनंतर व्याघात 06:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 15:50 पर्यंतनंतर तैतिल 02:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 12:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:37 |
| चंद्रोदय | 01:23 |
| चंद्रास्त | 15:52 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:29 ते 12:23 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:16 ते 11:56 |
| यमगंड | 15:16 ते 16:57 |
| गुलिक काळ | 06:55 ते 08:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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