पाटणा पंचांग, शनिवार, 17 जुलै, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 18:49 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 21:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मूळ 08:21 पर्यंतनंतर पूर्वाषाढा 11:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 14:23 पर्यंतनंतर वैधृती 15:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 05:40 पर्यंतनंतर वणिज 18:49 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:08 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:43 |
| चंद्रोदय | 17:57 |
| चंद्रास्त | 03:39 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 ते 12:23 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:32 ते 10:14 |
| यमगंड | 13:37 ते 15:19 |
| गुलिक काळ | 05:08 ते 06:50 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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