पाटणा पंचांग, शुक्रवार, 2 जुलै, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 15:24 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 12:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 17:26 पर्यंतनंतर मृग 14:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 23:17 पर्यंतनंतर वृद्धी 19:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 15:24 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 01:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शकुनी 12:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:02 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 02:40 |
| चंद्रास्त | 17:08 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 ते 12:21 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:11 ते 11:53 |
| यमगंड | 15:19 ते 17:02 |
| गुलिक काळ | 06:45 ते 08:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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