पाटणा पंचांग, शनिवार, 5 जून, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 21:59 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 18:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 07:02 पर्यंतनंतर मृग 04:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर आर्द्रा 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 12:10 पर्यंतनंतर शूल 08:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न 11:36 पर्यंतनंतर बव 21:59 पर्यंत; नंतर बालव 08:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:38 |
| चंद्रोदय | 05:00 |
| चंद्रास्त | 19:29 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:21 ते 12:15 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:23 ते 10:05 |
| यमगंड | 13:31 ते 15:13 |
| गुलिक काळ | 04:58 ते 06:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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