पाटणा पंचांग, रविवार, 30 मे, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 09:35 पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 10:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 11:32 पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 12:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 03:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आयुष्मान 02:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 09:35 पर्यंतनंतर वणिज 21:55 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 10:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:59 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:35 |
| चंद्रोदय | 00:47 |
| चंद्रास्त | 13:12 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 ते 12:14 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:53 ते 18:35 |
| यमगंड | 11:47 ते 13:29 |
| गुलिक काळ | 15:11 ते 16:53 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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