पाटणा पंचांग, रविवार, 2 मे, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 19:52 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 20:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 02:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तरा भाद्रपदा 03:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 18:29 पर्यंतनंतर वैधृती 17:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 07:29 पर्यंतनंतर बालव 19:52 पर्यंत; नंतर कौलव 08:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:12 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:21 |
| चंद्रोदय | 02:19 |
| चंद्रास्त | 14:30 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 ते 12:13 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:42 ते 18:21 |
| यमगंड | 11:47 ते 13:25 |
| गुलिक काळ | 15:04 ते 16:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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