पाटणा पंचांग, शुक्रवार, 16 एप्रिल, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल दशमी 11:22 पर्यंतनंतर शुक्ल एकादशी 09:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा 08:18 पर्यंतनंतर मघा 07:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 05:38 पर्यंतनंतर गंड 02:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वृद्धी 00:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 11:22 पर्यंतनंतर वणिज 22:24 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 09:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:13 |
| चंद्रोदय | 13:48 |
| चंद्रास्त | 02:14 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 ते 12:15 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:14 ते 11:50 |
| यमगंड | 15:01 ते 16:37 |
| गुलिक काळ | 07:02 ते 08:38 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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