पाटणा पंचांग, बुधवार, 7 एप्रिल, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- गुढीपाडवा
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 04:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 03:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 18:25 पर्यंतनंतर अश्विनी 17:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 07:26 पर्यंतनंतर वैधृती 05:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न 16:59 पर्यंतनंतर बव 04:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 15:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:09 |
| चंद्रोदय | 05:25 |
| चंद्रास्त | 18:37 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:27 ते 12:17अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:52 ते 13:26 |
| यमगंड | 07:09 ते 08:43 |
| गुलिक काळ | 10:18 ते 11:52 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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