पाटणा पंचांग, गुरुवार, 28 जानेवारी, 2027
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण सप्तमी 04:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण अष्टमी 04:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 00:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर स्वाती 01:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 16:57 पर्यंतनंतर शूल 16:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 15:53 पर्यंतनंतर बव 04:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:30 |
| चंद्रोदय | 23:37 |
| चंद्रास्त | 10:13 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 ते 12:24 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:24 ते 14:46 |
| यमगंड | 06:35 ते 07:57 |
| गुलिक काळ | 09:18 ते 10:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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