पाटणा पंचांग, बुधवार, 16 डिसेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल सप्तमी 22:46 पर्यंतनंतर शुक्ल अष्टमी 23:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 14:02 पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 15:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 13:46 पर्यंतनंतर सिद्धी 13:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 10:08 पर्यंतनंतर वणिज 22:46 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 11:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:02 |
| चंद्रोदय | 11:14 |
| चंद्रास्त | 23:20 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 ते 12:06अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:45 ते 13:04 |
| यमगंड | 07:47 ते 09:07 |
| गुलिक काळ | 10:26 ते 11:45 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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