पाटणा पंचांग, शनिवार, 28 नोव्हेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 06:40 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 03:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कृष्ण षष्ठी 01:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 12:50 पर्यंतनंतर पुष्य 11:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुक्ल 20:18 पर्यंतनंतर ब्रह्म 17:08 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 06:40 पर्यंतनंतर कौलव 17:15 पर्यंत; नंतर तैतिल 03:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 14:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:16 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:58 |
| चंद्रोदय | 20:57 |
| चंद्रास्त | 10:01 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 11:59 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:57 ते 10:17 |
| यमगंड | 12:58 ते 14:18 |
| गुलिक काळ | 06:16 ते 07:36 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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