पाटणा पंचांग, बुधवार, 25 नोव्हेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 16:51 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 13:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 20:36 पर्यंतनंतर मृग 17:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शिव 12:00 पर्यंतनंतर सिद्ध 07:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 06:38 पर्यंतनंतर कौलव 16:51 पर्यंत; नंतर तैतिल 03:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 13:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 16:59 |
| चंद्रोदय | 17:30 |
| चंद्रास्त | 06:54 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:15 ते 11:58अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:36 ते 12:57 |
| यमगंड | 07:34 ते 08:55 |
| गुलिक काळ | 10:16 ते 11:36 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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