पाटणा पंचांग, सोमवार, 16 नोव्हेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल सप्तमी 04:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल अष्टमी 06:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण 02:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर धनिष्ठा 04:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 07:16 पर्यंतनंतर वृद्धी 07:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 15:14 पर्यंतनंतर वणिज 04:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 17:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:01 |
| चंद्रोदय | 11:38 |
| चंद्रास्त | 22:47 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:12 ते 11:56 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:29 ते 08:51 |
| यमगंड | 10:12 ते 11:34 |
| गुलिक काळ | 12:56 ते 14:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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