पाटणा पंचांग, गुरुवार, 5 नोव्हेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 10:36 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 10:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 03:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर हस्त 04:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 06:26 पर्यंतनंतर वैधृती 05:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्कंभ 04:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 10:36 पर्यंतनंतर कौलव 22:31 पर्यंत; नंतर तैतिल 10:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:06 |
| चंद्रोदय | 02:10 |
| चंद्रास्त | 14:33 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:11 ते 11:55 |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:56 ते 14:19 |
| यमगंड | 06:00 ते 07:23 |
| गुलिक काळ | 08:46 ते 10:10 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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