पाटणा पंचांग, बुधवार, 2 सप्टेंबर, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण पंचमी 06:13 पर्यंतनंतर कृष्ण षष्ठी 04:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कृष्ण सप्तमी 02:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 01:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृत्तिका 00:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 21:12 पर्यंतनंतर व्याघात 18:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 06:13 पर्यंतनंतर गरज 17:22 पर्यंत; नंतर वणिज 04:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 15:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:30 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:08 |
| चंद्रोदय | 21:15 |
| चंद्रास्त | 10:16 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:24 ते 12:14अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:49 ते 13:24 |
| यमगंड | 07:05 ते 08:40 |
| गुलिक काळ | 10:14 ते 11:49 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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