पाटणा पंचांग, शनिवार, 30 मे, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्दशी 11:58 पर्यंतनंतर पौर्णिमा 14:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 13:20 पर्यंतनंतर अनुराधा 16:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शिव 05:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 11:58 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 01:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 14:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 04:59 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:35 |
| चंद्रोदय | 17:55 |
| चंद्रास्त | 03:48 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 ते 12:14 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:23 ते 10:05 |
| यमगंड | 13:29 ते 15:11 |
| गुलिक काळ | 04:59 ते 06:41 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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