पाटणा पंचांग, मंगळवार, 26 मे, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल दशमी 05:11 पर्यंतनंतर शुक्ल एकादशी 06:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 05:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 03:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर व्यतीपात 03:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 05:11 पर्यंतनंतर वणिज 17:43 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 06:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:34 |
| चंद्रोदय | 14:17 |
| चंद्रास्त | 01:36 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 ते 12:14 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:10 ते 16:52 |
| यमगंड | 08:23 ते 10:05 |
| गुलिक काळ | 11:47 ते 13:28 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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