पाटणा पंचांग, बुधवार, 20 मे, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी 11:07 पर्यंतनंतर शुक्ल पंचमी 08:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 06:12 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 04:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर पुष्य 02:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 14:10 पर्यंतनंतर गंड 10:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 11:07 पर्यंतनंतर बव 21:43 पर्यंत; नंतर बालव 08:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:02 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:30 |
| चंद्रोदय | 08:13 |
| चंद्रास्त | 22:33 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 ते 12:13अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:46 ते 13:27 |
| यमगंड | 06:43 ते 08:24 |
| गुलिक काळ | 10:05 ते 11:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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