पाटणा पंचांग, बुधवार, 29 एप्रिल, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 19:52 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 21:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 00:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर चित्रा 02:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 20:51 पर्यंतनंतर वज्र 20:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 07:19 पर्यंतनंतर तैतिल 19:52 पर्यंत; नंतर गरज 08:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:19 |
| चंद्रोदय | 16:20 |
| चंद्रास्त | 03:33 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:21 ते 12:13अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:47 ते 13:25 |
| यमगंड | 06:53 ते 08:31 |
| गुलिक काळ | 10:09 ते 11:47 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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