पाटणा पंचांग, शनिवार, 18 एप्रिल, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 14:11 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 10:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 09:43 पर्यंतनंतर भरणी 07:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 23:56 पर्यंतनंतर आयुष्मान 20:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 14:11 पर्यंतनंतर बालव 00:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 10:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:14 |
| चंद्रोदय | 05:36 |
| चंद्रास्त | 19:21 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 ते 12:15 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:37 ते 10:13 |
| यमगंड | 13:25 ते 15:02 |
| गुलिक काळ | 05:24 ते 07:00 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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