पाटणा पंचांग, सोमवार, 5 जानेवारी, 2026
पाटणा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 09:57 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 08:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 13:25 पर्यंतनंतर आश्लेषा 12:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | विष्कंभ 22:47 पर्यंतनंतर प्रीती 20:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 09:57 पर्यंतनंतर वणिज 20:54 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:13 |
| चंद्रोदय | 19:22 |
| चंद्रास्त | 08:16 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 ते 12:16 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:56 ते 09:16 |
| यमगंड | 10:35 ते 11:55 |
| गुलिक काळ | 13:14 ते 14:34 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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