नाशिक पंचांग, रविवार, 14 नोव्हेंबर, 2027
नाशिक साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- कार्तिक पौर्णिमा (गुरू नानक जयंती)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 08:56 पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 07:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 07:52 पर्यंतनंतर कृत्तिका 07:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 17:49 पर्यंतनंतर परिघ 15:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 08:56 पर्यंतनंतर बालव 20:15 पर्यंत; नंतर कौलव 07:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:56 |
| चंद्रोदय | 17:57 |
| चंद्रास्त | 06:43 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 ते 12:42 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:31 ते 17:56 |
| यमगंड | 12:19 ते 13:43 |
| गुलिक काळ | 15:07 ते 16:31 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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