नाशिक पंचांग, सोमवार, 11 ऑक्टोबर, 2027
नाशिक साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 14:09 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 16:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 16:22 पर्यंतनंतर शततारका 18:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 15:45 पर्यंतनंतर गंड 16:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 14:09 पर्यंतनंतर बव 03:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:15 |
| चंद्रोदय | 15:38 |
| चंद्रास्त | 02:44 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 ते 12:45 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:56 ते 09:25 |
| यमगंड | 10:53 ते 12:22 |
| गुलिक काळ | 13:50 ते 15:18 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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