नागपूर पंचांग, सोमवार, 4 ऑक्टोबर, 2027
नागपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 01:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 02:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 00:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ज्येष्ठा 02:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 12:24 पर्यंतनंतर आयुष्मान 11:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 13:26 पर्यंतनंतर बालव 01:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 13:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:59 |
| चंद्रोदय | 10:06 |
| चंद्रास्त | 21:03 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 ते 12:26 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:35 ते 09:04 |
| यमगंड | 10:33 ते 12:02 |
| गुलिक काळ | 13:32 ते 15:01 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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