नागपूर पंचांग, गुरुवार, 4 फेब्रुवारी, 2027
नागपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 16:32 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 19:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 15:32 पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 18:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 19:41 पर्यंतनंतर सिद्धी 20:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 16:32 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 05:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शकुनी 19:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | पौष (अमांत)माघ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:50 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:06 |
| चंद्रोदय | 05:11 |
| चंद्रास्त | 16:09 |
| सूर्य राशी | मकर |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 ते 12:50 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:52 ते 15:17 |
| यमगंड | 06:50 ते 08:14 |
| गुलिक काळ | 09:39 ते 11:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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