लुधियाना पंचांग, शुक्रवार, 30 ऑक्टोबर, 2026
लुधियाना साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण पंचमी 19:25 पर्यंतनंतर कृष्ण षष्ठी 16:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 09:04 पर्यंतनंतर आर्द्रा 07:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शिव 20:41 पर्यंतनंतर सिद्ध 17:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 08:46 पर्यंतनंतर तैतिल 19:25 पर्यंत; नंतर गरज 06:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 16:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:40 |
| चंद्रोदय | 21:17 |
| चंद्रास्त | 11:14 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:47 ते 12:10 |
| यमगंड | 14:55 ते 16:18 |
| गुलिक काळ | 08:02 ते 09:25 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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